August 29

In Search of Happiness- Freedom from sadness |Hindi

If you want to be, BE HAPPY

खुश रहने के लिए आपको किसी की permission लेने की जरुरत नहीं है…..

खुश रहना कोन नहीं चाहता, यंहा सवाल यह है की हम खुश क्यों नहीं रहते, कभी आपने इस बारे में सोचा है की ऐसा क्यों होता है|

let me explain…………… हम सब एक ही गलती करते है…….. हम खुशिया को बाहर ढूंडते है, किसी वस्तु में देखते है,पैसो में देखते है लेकिन………… अपने अन्दर देखना भूल जाते है|

Happiness is within us….

खुशिया हर एक के लिए अलग अलग होती है, इसकी परिभाषा भी सब के लिए एक जैसी नहीं होती है……eg. एक मेले में एक बच्चा गुब्बारा बेच कर खुश है तो दूसरा बच्चा उसे खरीद कर, यह आप पर निर्भर करता है की आप अपनी ख़ुशी किस में पाते है|

Happiness Tips

Don’t try to stop negative thoughts-

आपको इसे रोकने की कोशिस भी नहीं करनी चायिये, क्यों की आप negative सोच को रोक नहीं सकते, बजाय रोकने के आप इसकी जीमेदारी ले और आगे बढे

Treat yourself like a friend –

अपने आप को भी एक dost की तरह treat करे, और हो सके तो अपने आप को भी वो ही advice दे, जो आप का dost आप से मांगता|

Stop Feeling Sad and Start Feeling Happy-

खुश रहना सीखो, यदि दुखी रहोगे तो दुःख ही मिलेगा|

Try to smile more often-

यदि आप किसी कारण से दुखी भी है तो कोशिश करे की आप मुस्करा सके

Watch a funny movie or video on YouTube

आप youtube पर funny videos देख सकते है, इससे आपका थोडा Mood change हो जायेगा|

Try to find a good thing in every situation

कोशिश करे की आप adverse situation में भी कुछ positive निकाल सके…… इसके लिए आप मेरी post “How to think Positive in negative situation पढ़ सकते है

Ask yourself the reason for sadness

कभी कभी हम बिना कारण ही दुखी हो जाते है, कारण जानने की कोशिश करे की ऐसा क्यों होता है|

Write down your problem and think for solution

अपनी problem को लिखे और उसके सामने संभावित solution भी लिखे|

Listen music for relaxing

Change the way you look at life

life को देखने का अपना नजरिया change कर के देखे

Focus on solution instead of problem

problem को छोड़ कर solution पर focus करे|

Look what you have rather then what you don’t

आपके पास क्या नहीं है,की बजाय क्या है, इस पर अपना ध्यान लगाये|

Do not take thing personally

हर चीज को दिल से लगाना छोड़ दो

Be positive think positive

Read some good books or quotes-

Click for motivational quotes

Recommended Books for Reading

Life’s Amazing Secrets by Gaur Gopal Das – https://amzn.to/3lukeAT

https://amzn.to/34EWG6u

Attitude is everything by Jeff Keller- https://amzn.to/2QAJJCq

https://amzn.to/3lER0Q2
Advertisements
August 20

How to control your ANGER- Part-2

मेरी पिछले post में आपने पढ़ा की किस तरह गुस्से में एक पिता ने अपनी ही 5 साल की बेटी को चोटिल कर दिया, और बाद में अपने गुस्से के लिए पछता रहा था.Anger Control- How to control your Anger?

How to control Anger

मैं अपनी बात एक किस्से के साथ शुरु करना चाहता हूँ, ये किस्सा कुछ इस प्रकार है| एक बार भगवान गौतम बुद्ध अपने शिष्यों के साथ बेठे थे, तभी वंहा पर एक आदमी आता है और भगवान बुद्ध को भला बुरा कहना शुरु कर देता हे, और उन्हें गालिया भी देता है|

लेकिन बुद्ध इसका कुछ भी जवाब नहीं देते है, वो आदमी गालिया दे कर चला जाता है, उन शिष्यों के बिच एक व्यापारी भी वंहा बेठा होता है, जो की उनका शिष्य था, उसे यह सब सुन कर बुरा लगता है|

वो भगवान् बुद्ध से पूछता है, की आप को गुस्सा नहीं आया, वो आदमी आप को गालिया दे कर गया, तो बुद्ध ने कहा, उस ने मुझे गालिया दी, लेकिन मेने तो ली ही नहीं, और जब मेने ली ही नहीं तो मुझे गुस्सा क्यों आएगा, वो शिष्य बोला ऐसा कैसे, उसने आपको गालिया दी, हमने भी सुनी, लेकिन आप ने नहीं ली ऐसा कैसे हो सकता है|

बुद्ध ने उसे अपने पास बुलाया और उसे कहा की, अपनी कोई वस्तु मुझे दो, उस आदमी ने अपनी सोने की चैन निकाल कर बुद्ध की ओर बढाई , भगवान बुद्ध ने लेने से मना कर दिया, उन्होंने कहा मुझे नहीं चाइये, भगवान बुद्ध ने उस आदमी से पूछा, जब तुमने ये चैन मुझे देना चाहा और मेने नहीं ली तो ये किस के पास रही, उस आदमी ने कहा ये तो मेरे पास ही रह गयी|

तो बुद्ध बोले यानी की देने वाले के पास ,इस प्रकार जब उस आदमी ने मुझे गालिया दी, तो मेने वो ली ही नहीं तो वो गालिया किस के पास रही, वो आदमी अब समझ चूका था की, वो गालिया देने वाले के ही पास रही……

Moral :-  जब कोई आपको बुरा कहे, गालिया दे ,आपकी बेइजती करे, आप पर गुस्सा हो, उसे कुछ नहीं कहे , बल्कि शांत रहे, इससे उस आदमी का गुस्सा भी शांत हो जायेगा|

1 ) Cool and Calm like भगवान बुद्ध

2) Think before you speak- आप को यदि किसी की बात बुरी लगी है, और यदि कोई काम आप के हिसाब से नहीं हो रहा है, तो उस समय react ना करके response करना है, यानी आप को अपना view देना है, न की बहस और किसी भी प्रकार का reaction देना है | आप को over react नहीं करना है|

Explain your Anger, don’t express it & you will immediately open the door to solution instead of Arguments

3) Don’t say anything at that moment- गुस्से को control करने का सबसे अच्छा तरीका है, की आप उस समय कुछ भी ना बोले, चुप रहने की कोशिश करे, चाये कोई कुछ भी कहे, इससे आपको सोचने का Time मिल जायेगा, आप अपनी बात और अच्छे तरीके से समझा पाएंगे| आप ऐसा भी कर सकते है, गुस्से को बोले की आज नहीं कल आना,

The best ANSWER to Anger is SILENCE

4) Stop and Think– अपने आप से पूछे की क्या हुआ जिसकी वज़ह से गुस्सा आया, उसके पीछे का कारण जानने की कोशिस करे , ऐसा करने से आप ये जान पाएंगे की किस situation  में आप को गुस्सा आता है, ताकि आप उस पर control कर सके|

5) Walk Away from that place– उस जगह से चले जाये जिस जगह पर आप को गुस्सा आया हो, ऐसा करने से आप का मन शांत होगा, और आप अपने गुस्से पर control कर पाओगे|

6) Express your anger:- ये क्या कह रहा हूँ मैं ,आप यही सोच रहे होंगे, जी मैं बिलकुल सही कह रहा हूँ, Express Your Anger, लेकिन कब आप को ऐसा करना है| जब आपका गुस्सा सातवे आसमान पर हो, उस समय गुस्से को control ना करके उसे बाहर निकाल देना चायिये, क्यों की यदि आप ऐसा नहीं करते हो, तो ये गुस्सा आपकी health को भी नुकसान पंहुचा सकता है|

7) Practice relaxation skills: –

  • Take a deep breath -लम्बी और गहरी सांस ले,
  • Count up to 10…..
  • Drink 2-3 sip of water
  • This one is unique….. Put pen between your teeth
  • Imagine a relaxing scene
  • Repeat a calming word or phrase, such as “All is well, All is well………..
  • If you are short temper and really want to come out of this, then start yoga, meditation……

ऊपर बताये गए तरीको से आप अपने गुस्से पर धीरे धीरे control करना सिख जायेंगे…………………..

Believe in Yourself

क्यों की मन के हारे हार है, मन के जीते जीत…………………

Category: Hindi, Life | LEAVE A COMMENT
August 14

Anger Control- How to control your Anger?

What is ANGER

यदि आप को गुस्सा आता है, that’s ok-  Anger is a normal natural emotion, आप गुस्से को निकाल कर नहीं फेक सकते, लेकिन आप इसे control कर सकते हो|

Anger is an emotion like other emotions….. Happiness, sadness

Control your anger, before it controls you

So, it’s not “Bad” to feel angry?

हमेशा गुस्सा करना बुरा नहीं होता है, कभी कभी ये हमारी बात रखने का जरिया भी होता है, उस समय हमें कोई टोकने या रोकने की कोशिस नहीं करता है, और हम हमारी बात रख सकते है, लेकिन गुस्से को control करना जरुरी है, या इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना आना चाइये|

गुस्सा सब को आता है, even छोटा बच्चा भी गुस्सा होता है, और तो और आप को ये जान कर आश्चर्य होगा की, भगवन को भी गुस्सा आता है,…. , मुझे एक किस्सा याद आ रहा है, वो में आपके साथ share करता हूँ……………

एक बार भगवन श्री राम भी गुस्सा हो गए थे, भगवन श्री राम को अपनी सेना के साथ लंका जाने के लिए समुद्र पार करना था | उस समय भगवन राम समुद्र देव को प्रसन करने के लिए उनकी पूजा करते है, लेकिन ३ दिन बित जाने पर भी जब समुद्र देव उनकी प्राथना सुनकर नहीं आते है|

तब भगवान श्री राम को गुस्सा आता है और वो समुद्र को चेतावनी देते हुए पुरे समुद्र को सुखाने के लिए धनुष पर बाण रख कर चलाने ही वाले होते है, की समुद्र देव प्रगट हो जाते है, उनसे क्षमा मांगते है और उन्हें समुद्र पार करने का तरीका बताते है|

तो कभी कभी जायज़ कारण और सबके कल्याण के लिए गुस्सा होना लाज़मी है, गुस्सा अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए नहीं होना चाइये|

लोगो को गुस्सा क्यों आता है – why do people get angry

  • Losing Patience – किसी की कही गयी बात को दिल से लगा लेना, उसने मुझे ऐसा कैसे कह दिया, सबके सामने मुझे बेइजत कर दिया … अब लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे, आप को कही जाने की जल्दी है, और आप traffic jam, में फस जाते है, आप इस पारिस्थिती में गुस्सा हो रहे है, जब की आप का इस पारिस्थिती में कोई भी control नहीं है, यदि हमारा situation  पर control नहीं है, फिर भी हम गुस्सा हो रहे है, तो हम में patience की कमी है|
  • Feeling- if your opinion or efforts aren’t appreciated :- Office में manager ने सबके सामने कुछ कह दिया, जब आपने अपना opinion दिया, जब कोई हमें ऐसा कुछ कहता है, जो हमारी नज़र में तो सही है, लेकिन सामने वाला उसे गलत मानता है, यानी हमारे belief के हिसाब से बात नहीं हो, तो हमें गुस्सा आता है, ये एक ऐसा emotion हे जिसे express करने के बाद सिर्फ और सिर्फ नुक्सान ही होता है, क्यों की गुस्सा न तो personal life में or ना ही Professional  life में अच्छा होता है |

Harm by Anger

गुस्से में कही गयी बात के लिए, हमें बाद में पछताना पड़ता है, क्यों की उस समय हम अपने दिमाग का इस्तेमाल नहीं करते है, जब हम गुस्से में होते है, उस समय हमारी जबान , हमारे दिमाग से ज्यादा तेज चलती है |

हम वो कहते है, जो हमारे belief के हिसाब से सही है, जो हमारा मन कहने को करता है, हम वो नहीं करते जो सही होता है|

कैसे एक पिता के गुस्से ने अपनी ही बेटी को चोटिल कर दिया

एक पिता  Sunday को अपनी नई गाडी को साफ़ कर रहे थे ,उसी समय उसकी बेटी गाडी के पास आती है, और किसी नुकीली pin से गाडी पे कुछ लिख रही होती है, scratch की आवाज़ सुन कर उसके पिता  गुस्से में आते है, और अपनी बेटी से  वो नुकीली pin इस प्रकार से छीनते है, की उसकी उंगली से खून आने लगता है, खून देख कर पिता का गुस्सा चला जाता है|

वो अपनी बेटी को ले कर hospital जाता है, बेटी अपने पिता से पूछती है, की पापा मेरी उंगली तो ठीक हो जाएगी ना, पिता की आँखों में आंसू आ जाते है, वो वापस अपने घर आ कर अपनी गाडी को देखता है, की उसकी बेटी उस pin  से क्या कर रही थी, जब पिता ये देखता है, की उसकी बेटी ने गाडी पर I love you Papa लिखा था, अब उसे अपने किये हुए पर पश्चाताप हो रहा था, की उसने गुस्सा क्यों किया……

You will not be punished for your anger; you will be punished by your anger.

अगले part  में हम सीखेंगे, की अपने गुस्से को कैसे control करना चायिये…..

https://www.youtube.com/changeyourlifeyoucan

July 26

H A B I T- Change your Habit, Change you Life.

क्या आप life में सफल होना चाहते है, तो आप को अपनी आदत बदलनी होगी, क्या आप अपनी आदत बदलना चाहते है? आज हम बात करेंगे अपनी आदत के बारे में, आदत या तो अच्छी होगी या बुरी, अच्छी आदत जंहा हमें सफलता की ओर ले जाती है, वंही बुरी आदत हमें सफलता से दूर……

आदत बनती नहीं बनानी पड़ती है|

मुझे मेरे बचपन का एक किस्सा याद आ रहा है, एक बच्चा था, जो पढ़ने के लिए सुबह जल्दी उठ नहीं पाता था, उसके parents ने ये बात उसके teacher को बताई, की हमारा बच्चा सुबह पढने के लिए उठ नहीं पाता है, और ये पढाई में पीछे रह जायेगा…..

teacher ने कहा की ठीक है, मैं आप के बच्चे को एक दवाई दूंगा जो उसे 20 दिन तक लेनी है, लेकिन ये दवाई उसे सुबह जल्दी उठ कर नहाने के बाद लेनी है, उसके बाद उसे अपनी पढाई शुरु करनी है, teacher ने वो दवाई बच्चे के parents को कागज़ की पुडिया में बना कर दे दी, बच्चे के parents खुश हो गए……

बच्चा रोज़ सुबह उठ कर दवाई ले कर पढाई करता था, अब उसमे change आने लग गया और वो धीरे….. धीरे….. पढने में भी तेज होने लगा, लेकिन……….. एक दिन दवाई खत्म हो गयी, उसके parents ने सोचा की अब क्या होगा, वो वापस उसी teacher के पास दवाई के लिए गए…………..

आप को ये जान कर हेरानी होगी की teacher ने कहा की मेने तो उसे कोई भी दवा नहीं दी…. वो तो सिर्फ शक्कर और नमक का मिश्रण था…. ये कमाल दवा से नहीं, बल्कि उसके जल्दी उठने की आदत और मेहनत करने से हुआ है……हमें भी ऐसे ही एक मिश्रण की जरुरत है, जिसे लेने के बाद हम भी अपनी आदत को बदल सके…..

How to Change Your Habits

1) Problem –अलार्म लगाते हो, लेकिन उठ नहीं पाते क्यों की, Alarm को Snooze कर देते हो

क्या हम ऐसा तब भी करते है, जब हमें कही बाहर जाना हो या ट्रेन पकड़ना हो, नहीं ना…….,क्यों की ऐसा करने से नुकसान हो जायेगा|

Solution- Set a punishment for yourself for snoozing Alarm….

2) Problem – बुरी आदत नहीं छुडतीजेसै सिगरेट तम्बाकू, शराब

Solution- छुडेगी नहींछोडना पड़ेगा… कैसे, खरीदना छोड़ दो….. ये तो आपके हाथ में ही है, तलब लगे तो हाथ में पकड़ना छोड़ दो…. एक बार कर के तो देखो……….

 3) Problem – बार बार mobile देखने की आदत, कही किसी का phone तो नहीं आया, Message तो नहीं आया, यदि कुछ छुड गया तो…….. और Mobile में Game खेलने की बुरी आदत

Solution- Don’t check so much , कुछ भी नही होगा, हो सके तो कुछ देर के लिए Mobile use मत करो,off your Internet ,आप ऐसा Sunday को कर सकते है, ऐसा करने से हम ये आदत धीरे धीरे बदल सकते है|

4) Problem –  आज का काम कल पर टालना

solution यदि आप की आदत काम को टालने की है तो आप अपने काम को पेपर पर लिखे , एक column में लिखे यदि आज करूंगा तो क्या फायदा होगा, और दुसरे column में लिखे यदि आज नहीं करूंगा तो क्या नुकसान होगा, यदि नुकसान ज्यादा हो रहा है, तो आप को पता ही है क्या करना है………..

आदत धीरे धीरे बनती है चाये अच्छी हो या बुरी ,अपने आप को थोड़ा समय दे, कोशिश कर के देखे, change जरूर होगा।

“You Cannot Change Your Future, but you can change your Habits, and Surely Your Habits will change Your Future”

अपने Routine पर नज़र रखे, जैसे ही आपको लगे की आप गलत कर रहे हो, या गलत Direction में जा रहे हो, उसी समय अपने आप को रोक ले, आप इसके लिए अपने किसी friend की Help ले सकते है,जो आपकी मदद कर सके या genuine feedback दे सके|

यदि आप अपने आप में change लाना चाहते है, तो अपने लिए Goal सेट करे, Target सेट करे, आप अपने आप को हर एक Achievement  पर Reward दे सकते है, Self Rating के लिए आप KPI (Key Performance Indicators) सेट कर सकते है……….  KPI और Goal Setting के बारे में हम मेरे अगली Post में जानते है|

“Change your Habit, Change you Life”

July 6

“CORONA- BOON OR CURSE”

आप “Corona” को क्या मानते हो, वरदान या श्राप, क्या Corona वरदान भी हो सकता है?

Let’s Begin……………..

आप कहेंगे की CORONA वरदान कैसे हो सकता है, ये तो हमेशा श्राप ही रहेगा,तो आप बिलकुल सही है, ये महामारी सम्पूर्ण मानव जाति के लिए एक अभिशाप ही है, मैं भी यही मानता हु लेकिन, मैं यंहा आप को ये बताना चाहता हु, की हमें इस समय को केसे लेना है, मेरे कहने का मतलब है, इस समय का हमें कैसे सदुपयोग करना है, जिस तरह हर सिक्के के दो पहलू होते है, वेसे ही हम भी बुरा और अच्छा सोचते है, यंहा ध्यान देने योग्य ये बात है, की हम इसे केसे लेते है, इसे समझाने के लिए मैं  आप को दो अलग अलग लोगो के सोचने की technique के बारे में बताता हूँ, कैसे Optimistic और Pessimistic person इस situation को handle करते है|

Pessimistic – निराशावादी

  1. हर Solution में Problem ढूंड लेते है
  2. हमेशा पारिस्थि का रोना रोते रहते है
  3. कभी भी किसी की Help नहीं करते है
  4. अपनी कमजोरी का कारण, हमेशा दुसरो को ही मानते है
  5. हमेशा Negative ही बोलते है, और Negative ही सोचते है,
  6. उनका यही मानना है, की हमेशा बुरा ही होगा|

ptimistic- आशावादी

  1. हर problem में solution find करता है
  2. अपने time का proper utilisation करता है
  3. किसी भी पारिस्थि में हार नहीं मानते है
  4. किसी को कभी भी कोई दोष नहीं देता है
  5. हमेशा दूसरो की मदद करने के लिए तैयार रहते है

Optimistic person इस lockdown में भी खुश है, क्यों की उसे पता है, उसके दुखी होने से भी ये Situtation बदलने वाली नहीं है, तो क्यों न इस समय को हँसते हँसते जिया जाये, दुसरे तरफ  Pessimistic लोग सिर्फ और सिर्फ रोना ही जानते है, वो समय का सदुपयोग करना नहीं जानते है, बल्कि वो अपना और दुसरो का समय ख़राब ही करना जानते है|

मैं यंहा ये कहना चाहता हूँ, की यदि परिश्तिथि हमारे अनुकूल नहीं है, तो हमें Situtation को देखते हुए उस परिश्तिथि के अनुसार ही काम करना चायिये, न की उस परिश्तिथि को ले कर Negative हो जाना चायिये|

इस Image को देख कर आप को क्या लग रहा है, आप कहेंगे की गिलास आधी खाली है, या आप कहेंगे, की गिलास आधी भरी है, आप के दोनों answer ही सही है, लेकिन यंहा सवाल सही या गलत का नहीं है, यंहा सवाल सोच का है, Optimistic इसे आधा भरा कहेगा तो Pessimistic इसे आधा खाली, दोनों ही सूरत में जवाब सही है, बस फर्क है, तो सिर्फ सोच का, हमें हर परिस्तिथि में positive ही रहना चायिये, क्योकि जैसा हम सोचेंगे वेसे ही हम बन जायेंगें,

एक Famous quote है, you become what you think.

Corona is a boon for those, who think positive.

Let’s look on what we learned in this lockdown….

Personal Benefits

  1. We learned to live without, going outside
  2. We learned to stay home, and spend time with our family
  3. We learned live without eating fast-food, Junk Foods
  4. We learned how to celebrate our birthday, Anniversary with our friends, relatives over Internet

Benefits to Society

  1. We learned that, there can be a marriage even, when there are fewer guests.
  2. We learned to buy from our local shopkeepers  हमारे PM श्री नरेन्द्र मोदीजी ने भी हमें लोकल को support करने के लिए कहा हे, # VOCAL FOR LOCAL
  3. We learned , How to help others
  4. We learned, how to create opportunity in adversity

इस तरह, Positive लोगो ने इस lockdown में भी, अपने जीने का तरीका खोज लिया, और दूसरी तरफ negative लोग हमेशा पारिस्थि को दोष देते हुए, अपनी पूरी ताकत Negative काम में ही लगा देते है|

Think Positive, Be Positive….

https://youtu.be/XLCoMEKrT0k